'विवादास्पद बयान नहीं करेंगे बर्दाश्त', देवेंद्र फडणवीस ने अपनी ही सरकार के मंत्रियों को क्यों दी चेतावनी?
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपनी सरकार के मंत्रियों को चेतावनी दी है कि यदि वे विवादों में फंसते हैं और सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विवादित बयानों और कामों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जिससे सरकार की बदनामी हो रही है। माणिकराव कोकाटे और संजय शिरसाट जैसे मंत्री पहले से ही मुख्यमंत्री के निशाने पर हैं।
By News Desk
Edited By: Shiva Verma
Updated: Tue, 29 Jul 2025 11:45 PM (IST)
सीएम देवेंद्र फडणवीस ने दी मंत्रियों को चेतावनी। (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार (29 जुलाई, 2025) को अपनी ही सरकार के मंत्रियों को सख्त हिदायत दी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर मंत्री बार-बार विवादों में फंसते हैं, उनकी वजह से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचता है और विपक्ष को मौका मिलता है तो उन पर कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट बैठक के बाद अपने मंत्रिमंडल सहयोगियों से बात की और उन्हें बताया कि विवादित बयानों और कामों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि अगर इस तरह की चीजें होती रहेंगी तो उससे सरकार की बदनामी होगी। यह आखिरी मौका है, इसके बाद उन्हें जो कार्रवाई करनी होगी वो करेंगे। किसी भी तरह की विवादास्पद कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम फडणवीस ने क्यों दी मंत्रियों को चेतावनी?
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब कई मंत्री विवादों को जन्म देकर सुर्खियों में हैं। कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे, सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट, स्कूल शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे और गृह राज्य मंत्री योगेश कदम सहित ये मंत्री कई विवादों के सिलसिले में मुख्यमंत्री के निशाने पर थे।
बैठक में शामिल एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि फडणवीस ने मंत्रियों से कहा कि ये विवाद सरकार के अच्छे कामों और उपलब्धियों को सामने नहीं आने दे रहे और उनपर अतिक्रमण कर रहे हैं। मुख्यमंत्री की यह चेतावनी उस समय आई है जब कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का राज्य परिषद में रमी खेलने संबंधी वीडियो वायरल हो गया था, जिससे सरकार को बड़ी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था।
विपक्ष कर रहा मंत्री के इस्तीफे की मांग
विपक्ष और किसान संगठनों की ओर से उनके इस्तीफे की मांग के बाद उन्होंने यह कहकर एक और विवाद खड़ा कर दिया कि सरकार भिखारी है, किसान नहीं। इसके अलावा, मंत्री शिरसाट का नोटों से भरे बैग वाला वीडियो वायरल हो गया, जिससे विपक्ष को उनका इस्तीफा मांगने का मौका मिल गया।